वर्टिकल बागवानी, बागवानी का वो तरीका है, जिसमें कम स्पेस में भी किसी खास स्थान को हरा-भरा बनाया जा सकता है। बात जब बालकनी की हो तो या हो बाड यानी फेंसिंग की तो रंग-बिरंगे, जीवंत और खूबसूरत और आकर्षक पौधे लगाकर हम अपनी बागवानी को सुंदर बना सकते हैं। वे घर जहां बालकनी छोटी है, उस छोटी जगह में भी कुछ ऐसी बेलें हैं, जो कम जगह घेरती हैं और उन बेलों में लगने वाले फूल और उनकी महक बागवानी को हरा-भरा ही नहीं बल्कि सुगंधमय भी करती हैं। ये वो बेले हैं, जो तितलियों और दूसरे परिंदों को अपने हरे-भरेपन से आकर्षित करती हैं और उसके आसपास के वातावरण को और भी खूबसूरती देते हैं। कौन सी वो बेले हैं-
मनी प्लांट
मनी प्लांट की बेल को घर की फेंसिंग, दीवारों और विशेषतौर पर बालकनी को सुंदर बनाने का काम करती हैं। बड़े या छोटे जैसे भी गमले हों, उनमें लगा मनी प्लांट बालकनी के कोनों को ही नहीं बल्कि उसका फैलाव पूरी बालकनी को हरियाली से भर देता है। यह एक मजबूत और कम देखभाल की मांग करने वाली एक ऐसी बेल है, जिसकी बहुत सारी वैरायटी होती हैं। छोटे पत्तों से लेकर बड़े और गहरे दिल के आकार के ये पत्तों वाली बेल कहीं भी उगा दी जाए, एक बार यह फैलना शुरू कर देती है, तो इसकी लटकती लताएं, उस जगह की सुंदरता कई गुना बढ़ा देती हैं। जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर है मनी प्लांट यानी समृद्धि का प्रतीक।
चमेली यानी मोगरा
चमेली की बेल पर लगे फूल जो बेहद नाजुक और मीठी-मीठी सुगंध लिये होते हैं। तेजी से बढ़ने वाली एक ऐसी बेल है, जिसका इस्तेमाल बालकनी को हरा-भरा बनाने के लिए किया जाता है। इसकी कई किस्में तो सदाबहार होती हैं। जिन्हें जाली या रेलिंग पर चढ़ा देने से घनी छाया तो होती ही है, उस जगह की सुंदरता देखने लायक होती है। जो शांत और ताजगीभरा वातावरण बनाती है। एक बार यह अच्छी तरह से फैल जाए तो यह सर्दी, गर्मी दोनों मौसम में फूलों से भरी रहती है। बालकनी में इसे लगाया जाए तो यह सुंदरता के साथ-साथ सुगंधित वातावरण भी बनाती है।
बोगनविलिया
बोगनविलिया के फूल दिखने में खूबसूरत होते हैं। गुलाबी, नारंगी, बैगनी, सफेद और भी बहुत से रंगों के फूलों के लिए इसे जाना जाता है। यह एक ऐसी सदाबहार बेल है, जिसे धूप बहुत पसंद है। मई-जून की गर्मी पर भी इसके फूल वातावरण को महकाए रहते हैं। तेज रोशनी में पनपने वाली, गर्मी को सहन करने वाली, यह बेल रेलिंग या फेंसिंग के लिए ही नहीं, बालकनी के लिए भी सुपरहिट है। एक बार अगर इसे लगा दिया जाए, तो कम पानी लेकर भी यह पूरे साल फूलों से भरी रहती है। यह कटिंग से आसानी से उग जाती है और सहारा मिलने पर तेज गति से बढ़ती है।
मोर्निंग ग्लोरी
मोर्निंग ग्लोरी के सुंदर फूल से लदी यह बेल बहुत तेजी से बढ़ती है और अगर इसे सही सहारा मिले तो यह जहां भी लगा दी जाए, वहां की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। नीले, बैंगनी, गुलाबी, सफेद, रंगों में खिलने वाले इसके फूल, सूरज के साथ ही खिल उठते हैं और शाम को मुरझा जाते हैं। तुरई के आकार के इसके फूल इतने घने होते हैं कि यह लता को पूरी तरह ढक लेते हैं। कम रख-रखाव की मांग करने वाली यह बेल अगर बालकनी में लगा दी जाए तो बालकनी की सुंदरता और बढ़ जाती है।
क्लेमाटिस
जो लोग गार्डनिंग की शुरुआत करते हैं, उनके लिए यह सबसे उपयोगी बेल होती है। गुलाबी और लाल और गहरे बैंगनी रंग के फूलों वाली यह बेल, जब अपने यौवन पर होती है तो यह भरपूर फल देती है। इसे गमलों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। दिन की चार से पांच घंटे की धूप में भी क्लेमाटिस के सुंदर फूल अपनी सुंदरता का जलवा बिखेरते हैं।
मधुमालती
मधुमालती का पौधा गर्मी की सीधी धूप में भी बहुत अच्छी तरह से वृद्धि करता है। गुलाबी, गहरे लाल, सफेद और भी कई रंगों में मधुमालती के सैकड़ों फूल वातावरण में रंग भर देते हैं। इसके फूलों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि यह खिलते समय तो सफेद होते हैं फिर धीरे-धीरे गुलाबी और बाद में गहरे लाल रंग के हो जाते हैं। बालकनी में इसे बड़े गमले में भी लगाकर नीचे की ओर अगर इस बेल का रुख कर दिया जाए तो थोड़ी घनी होने के बाद भी इस पर फूल आने लगते हैं और वो भी भरपूर मात्रा में। गेट की सजावट के लिए इसे सबसे उपयुक्त माना गया है। इसके फूल, मधुमक्खियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इसे प्रतिदिन छह से आठ घंटे की सीधी धूप और गर्मी में प्रतिदिन पानी की जरूरत होती है।